Kanwar Yatra 2024 Resting Place Will Be Made From Waterproof Tent in Roorkee: कावड़ यात्रा शुरू होने वाली है और इसकी तैयारियां भी जोरशोर से चल रही है। जिसमे कांवड़ पटरी को साफ रखने के लिए रुड़की नगर निगम के 150 सफाईकर्मी दिनरात कांवड़ पटरी पर तैनात रहेंगे। साथ ही नगर निगम कांवड़ पटरी पर स्ट्रीट लाइट भी लगवाएगा। कांवड़ यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए नहाने और शौचालय की व्यवस्था कराई जाएगी।
रुड़की नगर निगम कांवड़ यात्रा को लेकर कर रहा है विशेष तैयारियां | Kanwar Yatra 2024 Resting Place Will Be Made From Waterproof Tent in Roorkee
22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है और जिन इलाकों से कांवड़ यात्री अधिक मात्रा में जाते है। उन इलाकों में यात्रियों की सुविधा के लिए तैयारियां भी चल रही है। जिसमे की रुड़की शहर में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सभी महकमे इसकी तैयारियों में जुटे हैं। साथ ही रुड़की नगर निगम भी कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष तैयारियां कर रहा है।
इसे भी पढ़े:- देहरादून में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनाने और पार्टनरशिप के नाम पर युवक से हड़पे 19 करोड़ रुपये, तीन पर केस हुआ दर्ज
रुड़की नगर निगम कांवड़ यात्रियों के लिए कांवड़ पटरी मार्ग पर दो विश्राम स्थल बना रहा है। जिसमे की एक विश्राम स्थल पंचशील मंदिर के पास बनाया जा रहा है। जबकि दूसरा विश्राम स्थल शिवमंदिर के पास होगा। जहां पर वाटर प्रूफ टेंट लगे होंगे ताकि बारिश के दौरान कांवड़ यात्रियों को दिक्कत ना हो। इसी के साथ यात्रियों के नहाने के लिए फव्वारा लगाया जाएगा।
कांवड़ पटरी पर लगवाई जा रही है 300 स्ट्रीट लाइटें
नगर निगम द्वारा कांवड़ पटरी पर कांवड़ यात्रियों के लिए शौचालय लगाए जाएंगे। और कांवड़ पटरी पर 300 स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई जाएंगी जिससे कांवड़ यात्रियों को रात के समय कोई दिक्कत नहीं होगी। इसी के साथ कूड़ा रास्ते पर न फैले इसके लिए कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह कूड़ेदान भी लगवाए जाएंगे।
कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए कई तरह की सुविधा रुड़की नगर निगम की और से उपलब्ध कराई जाएंगी। जिसके लिए एक टेंडर भी दिया गया है। जिससे सारी सुविधाएं दी जा सके और यात्रियों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। और हम आशा करते है। की इस बार कांवड़ यात्रियों को रुड़की में पहले से और ज्यादा अच्छी सुविधा मिलेगी।
इसे भी पढ़े:- 2020 में करोना महामारी के कारण नहीं हुई जनगणना, 2011 में इतनी थी उत्तराखंड में महिला और पुरुष की संख्या